Thursday, 8 February 2018

राम नाम लेखन !!

राम से बड़ा राम का नाम, अनादिकाल से रामभक्तों की श्रद्धा, आस्था, विश्वास और भक्ति का मूलमंत्र कहा जाता है। श्रीराम की भक्ति-विधाओं में उनका जप, तप और स्मरण विख्यात विधायें कही जाती हैं। लेकिन समय के साथ रामभक्तों ने भक्ति की विधा को विस्तार देते हुए राम नाम लेखन को भी अन्य विधाओं के साथ जोड़ लिया। और राम नाम लेखन कर भक्ति भाव से  अपने आप को प्रभु से जोड़ने का निरंतर प्रयास होता है। 

Tuesday, 23 May 2017

सच्ची बात !!

हर जीव में एक आत्मा का केंद्र बिंदु रहता है पर कहाँ रहता है पता नहीं।
यही आत्मा  जब तक शरीर में रहती है तब तक जीव अपने शरीर को गतिमान बनाये रखते है शरीर जो भी गति करता है वही जीव के कर्म होते है। कहते है की चौरासी लाख प्रकार के जीव जंतु है जो जल में थल में निवास करते है
इन्ही में एक जीव इंसान भी है आत्मा जब भी एक शरीर को छोड़ कर दूसर शरीर में प्रवेश करती है तो उस आत्मा के कर्म के हिसाब से उसे शरीर प्राप्त होता है उस आत्मा को एक चींटी का शरीर भी मिल सकता है और हाथी का भी मिल सकता है सभी उसके कर्मो के हिसाब से निर्धारित होता हो है।